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Good Samaritan Scheme- सड़क-हादसे में घायल की मदद करने पर मिलेंगे 25 हजार

Good Samaritan Scheme- राजस्थान में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाले नागरिकों को अब राज्य सरकार राह-वीर योजना के तहत सम्मानित करेगी। इस योजना के तहत गोल्डन ऑवर के भीतर घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को 25 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

NHM राजस्थान के मिशन निदेशक व ट्रॉमा आयुक्त की ओर से इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नीचे इस योजना का उद्देश्य, पात्रता, प्रक्रिया और इससे जुड़ी हर जरूरी जानकारी दी गई है।

Good Samaritan Scheme- Overview

ParticularsDetails
Scheme Nameराह-वीर योजना (Good Samaritan Scheme)
Implemented ByNHM राजस्थान (स्वास्थ्य विभाग)
Reward Amount₹25,000 प्रति घटना
Additional Benefitप्रशस्ति पत्र
Maximum Claimsएक व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 5 बार
Payment ModePFMS के जरिए सीधे बैंक खाते में
Legal Protectionपुलिस पूछताछ या कानूनी कार्यवाही से पूर्ण सुरक्षा

योजना का उद्देश्य

अक्सर देखा जाता है कि सड़क हादसे में लोग पुलिस या अस्पताल की कानूनी प्रक्रिया में फंसने के डर से घायल की मदद करने से हिचकिचाते हैं। राह-वीर योजना का मकसद इसी डर को खत्म करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग बिना किसी झिझक के गोल्डन ऑवर यानी दुर्घटना के पहले एक घंटे के भीतर घायल को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करें। इस दौरान समय पर इलाज मिलने से जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

किन मामलों में मिलेगा लाभ

योजना का फायदा सिर्फ उसी व्यक्ति को मिलेगा जो सड़क दुर्घटना के बाद गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तय समय सीमा के भीतर अस्पताल पहुंचाए। “गंभीर दुर्घटना” की श्रेणी में ये मामले शामिल किए गए हैं:

  • घायल को बड़ी सर्जरी (Major Surgery) की जरूरत पड़ना
  • घायल को कम से कम 3 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ना
  • सिर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगना
  • इलाज के दौरान घायल की मृत्यु हो जाना

पुरस्कार व सुरक्षा

  • पात्र राह-वीर को ₹25,000 की नकद राशि प्रशस्ति पत्र के साथ दी जाएगी।
  • एक व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 5 बार तक यह पुरस्कार प्राप्त कर सकता है।
  • पुरस्कार राशि PFMS (Public Financial Management System) के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
  • मदद करने वाले व्यक्ति को किसी भी तरह की पुलिस पूछताछ या कानूनी कार्यवाही का सामना नहीं करना पड़ेगा — गुड सेमेरिटन कानून के तहत उसे पूरी सुरक्षा दी जाती है।

चयन व सत्यापन प्रक्रिया

  1. पुलिस व अस्पताल सत्यापन – सबसे पहले पुलिस और संबंधित अस्पताल की ओर से घटना और मददगार की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।
  2. जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति – सत्यापन के बाद प्रस्ताव जिला कलक्टर की अध्यक्षता वाली मूल्यांकन समिति के पास भेजा जाएगा।
  3. समिति की स्वीकृति – समिति से मंजूरी मिलने के बाद ही पुरस्कार राशि जारी की जाएगी।
  4. भुगतान – स्वीकृति मिलते ही राशि सीधे राह-वीर के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

जरूरी नोट: यह योजना पूरी तरह मानवीय सहायता को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को देखकर बिना किसी डर या संकोच के तुरंत उसकी मदद करें, क्योंकि गोल्डन ऑवर के भीतर मिला इलाज कई बार जान बचाने में निर्णायक साबित होता है।

FAQs

Q.1 राह-वीर योजना के तहत कितनी राशि दी जाती है?

इस योजना के तहत घायल की मदद करने वाले व्यक्ति को ₹25,000 की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।

Q.2 क्या मदद करने वाले को पुलिस पूछताछ का सामना करना पड़ेगा?

नहीं, गुड सेमेरिटन कानून के तहत मदद करने वाले व्यक्ति को पुलिस पूछताछ या किसी तरह की कानूनी कार्यवाही से पूरी सुरक्षा दी जाती है।

Q.3 एक व्यक्ति कितनी बार यह पुरस्कार प्राप्त कर सकता है?

एक व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 5 बार यह पुरस्कार प्राप्त कर सकता है।

Q.4 पुरस्कार राशि कैसे मिलती है?

जिला स्तरीय समिति की स्वीकृति के बाद पुरस्कार राशि PFMS के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

Q.5 किन मामलों को गंभीर दुर्घटना माना जाएगा?

बड़ी सर्जरी की जरूरत, कम से कम 3 दिन अस्पताल में भर्ती रहना, सिर या रीढ़ की गंभीर चोट, या इलाज के दौरान मृत्यु — इन्हें गंभीर दुर्घटना की श्रेणी में रखा गया है।

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